Notifications
×
Subscribe
Unsubscribe

(Timeline) Mahatma gandhi history in Hindi | Gandhi Life Timeline

(Timeline) Mahatma gandhi history in Hindi | Gandhi Life Timeline

महात्मा गांधी का जन्म 2 oct 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ । इनका पूरा नाम मोहन दास करमचंद्र गांधी था जबकि प्यार से इन्हें लोग भाई कहते थे । इनके पिता कमरचंद्र गाँधी राजकोट शहर में दिवान थे । इनकी माता पुतलीबाई थी ।

1883 ई ० में 14:-  वर्ष की अवस्था में कस्तुरबा गांधी से इनका विवाह हो गया । इनके चार पुत्र थे । हरिलाल , मनिलाल , रामदास देवदास यमुना लाल बजाज को इनका पांचवां ( दत्तक ) पुत्र कहा जाता है ।

1888:- प्रथम पुत्र का जन्म , सितम्बर में ये अपनी उच्च शिक्षा के लिए लंदन चले गए और वहाँ वकालत की पढ़ाई ( LLB ) पूरी करके बैरिस्टर बने ।

1891:-  पढ़ाई पूरी कर देश लौटे , बम्बई तथा राजकोट में वकालत आरम्भ की । एक गुजराती व्यापारी दादा अब्दुल्ला का केश लड़ने के लिए 1893:-  में वो दक्षिण अफ्रिका चले गए ।जहाँ उन्हें रंगभेद का सामना करना पड़ा ।

1894:-  वहीं रहकर समाजिक कार्य तथा वकालत करने का फैसला – नेटाल इंडियन कांग्रेस की स्थापन की । दक्षिण अफ्रीका में नेटाल क्षेत्र के समीप डरबन में पिटरमार्टिन वर्ग स्टेशन पर इन्हें ट्रेन से निचे ढकेल दिया गया , क्योंकि प्रथम श्रेणी में भारतीयों और कुत्तों को जाना मना था । इस घटना के बाद ब्रिटिश सरकार को गांधीजी माफी मांगनी पड़ी ।

दक्षिण अफ्रिका में महात्मा गांधि ने भारतीयों के लिए अपना पहला सत्याग्रह किया । 1896 : पत्नी तथा दो पुत्रों को नेटाल ले गए ।

1899:-  ब्रिटिश सेना के लिये बोअर युद्ध में भारतीय एम्बुलेंस सेवा तैयार की ।

1901:-  सपरिवार स्वदेश रवाना हुए तथा दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीयों को आश्वासन दिया कि वे जब भी आवश्यकता महसूस करेंगे वे वापस लौट आएंगे ।

1902:-  भारतीय समुदाय द्वारा बुलाए जाने पर दक्षिण अफ्रीका पुनः वापस लौटे ।

  प्रागैतिहासिक काल नोट्स UPSC - Prehistoric Age Notes in Hindi
  क्या है सिंधु सभ्यता | आद्य ऐतिहासिक काल- Sindhu Sabhyata History In Hindi
  Congress Party History in Hindi | कांग्रेस पार्टी का इतिहास

1903:-  जोहान्सबर्ग में वकालत का दफ्तर खोला । इन्होंने 1904 में दक्षिण अफ्रिका में शिल्पकार कालेनवाख की मदद से फिनिक्स फर्म ( Phenix form ) की स्थापना किया । महात्मा गांधी ने Indian openion नामक पत्रिका लिखी जो कई भाषाओं में प्रकाशित हुई किन्तु इसका प्रकाशन उर्दु में नहीं हुआ ।

1906:-  आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लिया । एशियाटिक आर्डिनेंस के विरुद्ध जोहान्सबर्ग में प्रथम सत्याग्रह अभियान आरम्भ किया ।

1907:-  ‘ ब्लैक एक्ट’- भारतीयों तथा अन्य एशियाई लोगों के जबरदस्ती पंजीकरण के विरुग् सत्याग्रह |

1908:-  सत्याग्रह के लिये जोहान्सबर्ग में प्रथम बार कारावास दण्ड आंदोलन जारी रहा तथा द्वितीय सत्याग्रह में पंजीकरण प्रमाणपत्र जलाए गए । पुनः कारावास दण्ड मिला ।

1909:-  जून- भारतीयों का पक्ष रखने इंगलैण्ड रवाना , नवम्बर दक्षिण अफ्रिका वापसी के समय जहाज में ‘ हिन्द स्वराज ‘ ( पुस्तक ) लिखी ।

1910:-  मई – जोहान्सबर्ग के निकट टॉलस्टॉय फार्म की स्थापना |

1913:-  रंगभेद तथा दमनकारी नितियों के विरूद्ध सत्याग्रह जारी रखा ‘ द ग्रेट मार्च ‘ का नेतृत्व किया जिसमें 2000 भारतीय खदान कर्मियों ने न्यूकासल से नेटाल तक की पदयात्रा की । दक्षिण अफ्रिका में ही महात्मा गांधी ने गोपालकृष्ण गोखले को अपना राजनैतिक गुरु मान लिया । महात्मा गाँधी को आंदोलन की प्रेरणा रूस के विद्वान लियो टॉल्स टॉय से मिली । इन्हीं से महात्मा गांधी सर्वाधिक प्रभावित थे

महात्मा गांधी को भूख हड़ताल की प्रेरणा जर्मन विद्वान रस्कीन से मिली । महादेव देसाई महात्मा गाँधी के ( सलाहकार ) सचिव थे । अमेरिकी पत्रकार मिलर महात्मा गाँधी का सहयोगी था ।

1914:-  स्वदेशी वापसी के लिये जुलाई में दक्षिण अफ्रीका से रवानगी । महात्मा गाँधी की उपाधिया अंग्रेजों ने गाँधीजी को सारजेण्ट की उपाधि दी , क्योंकि गाँधीजी ने प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश सेना में बहुत से भारतीयों को भर्ती करवाया ।

  विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता - Vishwa ki Prachin Sabhyatayen Notes
  History Of Indian National Movement In Hindi - क्रांतिकारी आंदोलन का इतिहास
  History Of Indian National Movement In Hindi - क्रांतिकारी आंदोलन का इतिहास

 

अंग्रेजों का सहयोग करने के कारण महात्मा गाँधी को ब्रिटिश सरकार ने कैंसर – ए – हिन्द की उपाधि दी । चम्पारण सत्याग्रह की सफलता के बाद रविन्द्रनाथ टैगोर ने महात्मा की उपाधि दी । जवाहर लाल नेहरू ने इन्हें बापु की उपाधि दिया । सुभाष चंद्र बोस ने इन्हें राष्ट्रपिता की उपाधि दिया । विस्टन चर्चिल ( PM of England ) ने इन्हें अर्द्धनग्न फकीर कहा । शेख मुजिवुल रहमान ने इन्हें जादुगर की उपाधि दिया ।

खुदाई खिदमत गार संस्था ने मंगल बाबा की उपाधि दिया । आइंस्टीन ने कहा कि आने वाले 100 , 200 साल के बाद सायद ही कोई विश्वास करे की ऐसे हाड़मांस के शरीर वाला व्यक्ति इस पृथ्वी पर था , जिसने इतना बड़ा आंदोलन कर दिया ।

1915 :- 21 वर्षों के प्रवास के बाद जनवरी में स्वदेश लौटे । 9 Jan. 1915 को महात्मा गांधी भारत लौट आए आज भी इस दिन को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मनाया जाता है । मई में कोचरब में सत्याग्रह आश्रम की स्थापना की , जो 1917 में अहमदाबाद में साबरमती नदी के पास साबरमती आश्रम की स्थापना किया ।

इस आश्रम के लिए धन अम्बालाल साराबाई ने दिया । इस आश्रम के अंदर महात्मा गांधी की कुटीया हृदय कुंज कहलाता था । 1916 फरवरी में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में उद्घाटन भाषण ।

1916:-  में महात्मा गांधी ने कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन में भाग लिया इसकी अध्यक्षता अम्बिका चंद्र मजुमदार कर रहे थे । इसी अधिवेशन में राजकुमार शुक्ल ने गांधी जी को चम्पारण के निल्हें जमिंदारों के तीन कठिया पद्धति ( 3/20 ) की जानकारी दी और उन्हें चम्पारण आने का आग्रह किया ।

1917:-  में महात्मा गांधी राजेन्द्र प्रसाद तथा अनुग्रहनारायण सिन्हा के साथ चम्पारण पहुंचे और वहाँ सफल सत्याग्रह किए । अंग्रेजों ने तिनकठिया पद्धति समाप्त कर दी यह भारत में महात्मा गांधी का पहला सफल आंदोलन था इसकी सफलता के बाद रविन्द्र नाथ टैगोर ने इन्हें महात्मा की उपाधि दिया ।

1918 में महात्मा गांधी ने खेड़ा सतयाग्रह किया और किसानों के बढ़े हुए टैक्स को माफ कराया । 1918 में ही महात्मा गांधी ने अहमदाबाद मिल मजदूर सत्याग्रह किया । इस सत्याग्रह में पहली बार महात्मा गांधी ने भुख हड़ताल का प्रयोग किया ।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.