(साक्षात्कार) – Social interview in Social Research Types and Methods in Hindi

(साक्षात्कार) – Social Interview in Sociology , Social research and it’s type and methods

(साक्षात्कार) – Social interview in Social Research Types and Methods in Hindi



साक्षात्कार (Social Interview) तथ्य संकलन की एक ऐसी विधि है जिसके माध्यम से सामाजिक कार्यों की बहन संभावनाएं एवं तथ्यों को प्राप्त किया जाता है।

अवलोकन एवं प्रश्नावली विधियों के द्वारा सभी प्रकार के तथ्य एकत्रित नहीं किए जा सकते।

प्राथमिक समूह में जिससे शारीरिक और सामाजिक दूरी किराया कम होती है साक्षात्कार (Interview) उतना अधिक महत्व नहीं होता किंतु ।

आधुनिक काल में द्वितीय समूह के बढ़ जाने से साक्षात्कार (Interview)  ही एक ऐसी उपयुक्त विधि प्रतीत होती है जिससे लोगों में मनु व्रतियों, विश्वासों एवं भावनाओं का पता लगाया जा सकता है ।

साक्षात्कार (Interview)  में साक्षात्कारकर्ता (Interviewer) एवं उत्तर दाता दोनों में ही आमने-सामने बैठकर अध्ययन से संबंधित समस्या पर विचार विमर्श करते हैं।

या कहा जाए कि किसी भी उत्तर दाता के अंदर वन में घुसकर गहन से गहन तथ्यों की जानकारी हासिल करता है।

आशय स्पष्ट है कि साक्षात्कार तथ्य संकलन की एक ऐसी व्यवस्थित विधि है जिससे साक्षात्कारकर्ता (Interviewer)  समस्या से संबंधित विषय पर उत्तर दाताओं से प्रश्न पूछता है। और उत्तर दाता विषय पर स्वतंत्रता पूर्वक अपने विचारों को प्रकट करता है।

साक्षात्कार (Interview) की एक ऐसी विधि है जिससे मानव, मानव का अध्ययन करता है ।
इसलिए इसमें पक्षपात की संभावनाएं आ जाती है इसके प्रमुख स्त्रोत निम्न है।

  • साक्षात्कारकर्ता के दोष
  • उत्तर दाता के दोष
  • साक्षात्कार निर्देशिका के दोष
  • परिस्थिति के दोष

साक्षात्कार विधि में साक्षात्कारकर्ता सक्रिय भूमिका अदा करता है। साक्षात्कार में साक्षात्कारकर्ता (Interviewer) के द्वारा दो से उत्तर दाता के चुनाव में ही नहीं होता बल्कि प्रश्न पूछने के ढंग उत्तरों की प्राप्ति एवं उत्तरों के संकलन में भी होता है।

इसमें दूसरों की संभावना मुख्यतः दो कारणों से होती है

  • उत्तर दाता साक्षात्कारकर्ता को किस दृष्टि से देखता है ।
  • साक्षात्कारकर्ता उत्तर दादा को किस दृष्टि से देखता है ।


यहां दृष्टि का अर्थ उद्देश्य, इच्छा एवं व्यक्तित्व की संरचना से है।


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साक्षात्कार के प्रकार / Types of Social interview in Hindi

सामाजिक अनुसंधान में पैसे तो कोई प्रकार की साक्षात्कार  विधियों का प्रयोग नहीं किया जाता है। पर अध्ययन को सुविधा के लिए इसे निम्न भागों में बांटा जा सकता है

संरचित साक्षात्कार / Structured interview in Hindi

संरचित साक्षात्कार(Structured interview) में समस्या से संबंधित विषय पर पहले ही प्रश्न बना लिए जाते हैं।

तथा उसी क्रम से सभी उत्तर दाताओं से प्रश्न पूछकर उन्हीं के शब्दों में उत्तर प्राप्त किए जाते हैं।

इसे विधि में अध्ययन के उद्देश्य को सामने रखकर समस्या के सभी प्रश्नों को पहले से ही तैयार कर लिया जाता है

प्रश्न तैयार करते समय इस बात का भी ख्याल रखा जाता है कि संचार व्यवस्था अर्थात संचार की समस्याओं और प्रत्युत्तर की समस्या का सही तरीके से हल हो।

प्रत्युत्तर की समस्या का अर्थ है कि उत्तर दादा प्रश्नों को ठीक प्रकार से समझ कर उत्तर दे जो प्रश्न के संदर्भ में हूं अवश्य है कि भाषा सरल हो

असंरचित साक्षात्कार / Unstructured interview in Hindi

इसमें पूर्व रचित प्रश्न नहीं होते बल्कि साक्षात्कारकर्ता (Interviewer)  उत्तर दाता के सामने बैठकर समस्या के संबंध में प्रश्न पूछता है और उत्तर दाता स्वतंत्र एवं निर्भीक होकर इन सभी प्रश्नों का जवाब अपने स्वतंत्रता पूर्वक ढंग से देता है।

जब साक्षात्कारकर्ता (Interviewer)  को किसी भी समस्या का गहन अध्ययन करना होता है।

इस प्रकार के साक्षात्कार के समय साक्षात्कारकर्ता (Interviewer)  साक्षात्कार निर्देशिका को प्रयोग में लाता है।

जिसमें समस्या के संबंध में भी मूल बातें संलग्न की जाती है।

इस विधि के दोष भी कई है जैसे साक्षात्कारकर्ता (Interviewer) सभी उत्तर दाताओं से एक ही क्रम में प्रश्न को नहीं पूछते और ना ही प्रश्न की भाषा एक होती है।

साथ ही संगत साक्षात्कार में उत्तर दाता की भूमिका सक्रियऔर साक्षात्कारकर्ता (Interviewer) की भूमिका निष्क्रिय हो जाती है।

केंद्रित साक्षात्कार / Focused interview

इस विधि के द्वारा जन संचार के साधनों, सेंटर सिनेमा कोमा पत्र-पत्रिका कोमा रेडियो या पेंपलेट के किसी विषय मध्य का प्रभाव जानना हो तो इस पर ध्यान रखा जाता है

लोगों से साक्षात्कार लिया जाए जिन्होंने उस पत्र-पत्रिका का या टेंप्लेट को पढ़ा हो या फिर रेडियो कार्यक्रम सुना हो या उच्च माध्य पर सिनेमा देखा हो

पुनरावृत साक्षात्कार / Repeated interview in Hindi

इसके द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में उत्तर दाताओं की प्रतिक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।

किसी एक ही व्यक्ति अथवा एक ही सिद्धांत के प्रति हमारी प्रतिक्रिया है विभिन्न परिस्थितियों में एक समान नहीं रहती है।

पुनरावृत साक्षात्कार का दोष यह है कि इसमें समय और परिश्रम की काफी बर्बादी होती है क्योंकि एक ही रहने के बावजूद उसी पर बार-बार अध्ययन किया जाता है।

इस विधि का लाभ यह है कि बदलती धारणाओं एवं अभिरुचि यों का पता चलता है

सामूहिक / Collective Interview in Hindi

ऐसी विधि है जिसमें एक साक्षात्कारकर्ता (Interviewer) एक साथ बहुत सारे उत्तर दाताओं को बैठाकर उनसे समस्या के संबंध में राय जानना चाहता है।

इस विधि का प्रयोग प्राया उस समय किया जाता है जब साक्षात्कारकर्ता (Interviewer) के पास धन एवं समय आदि की कमी होती है।