India ke core team for coronavirus – Top Indians to fight with coronavirus

India ke core team for corona virus – Top Indians to fight with कोरोनावायरस 

India ke core team for coronavirus - Top Indians to fight with coronavirus

देश की core team जो coronavirus से हरदम लड़ रही है

आज के इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि कोरोनावायरस इंडिया की क्या रणनीति है और वह कौन लोग हैं जो देश के इस भारी संकट में अपना पूरा समय व्यतीत कर रहे हैं।

Corona के इस मार्मिक काल में देश की यह core team जो Coronavirus के खिलाफ India की ओर से मुख्य भूमिका निभा रहे हैं उन लोगों के बारे में आप इस आर्टिकल में जानेंगे

डॉक्टर्स, पुलिसकर्मी, सफाई कर्मी और पूरा India इस Coronavirus से लड़ने के लिए अपनी अहम भूमिका अपने तरीके से निभा ही रहा है

परंतु कोरोनावायरस के इस काल में जो अहम फैसले लेना है वह इन लोगों के हाथ में है और यही लोग फैसला लेते हैं कि अब देश में आगे क्या करना होगा कोरोनावायरस से लड़ने के लिए

(Coronavirus ) कोरोनावायर से लड़ रहे हैं कई लोग चर्चा में हैं जैसे कि यह डॉक्टर, ब्यूरोक्रेट्स, इन्नोवेटर्स आदि।

Top Indian team member jo coronavirus se lad rahe hai


First member in the coronavirus team

लव अग्रवाल

“संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय केंद्र सरकार”

जानिए लव अग्रवाल क्या कह रहे हैं

उनका कहना है कि इस Coronavirus के काल में अभी सिर्फ एक ही प्राथमिकता है। एक भी मरीज या उससे बनी चयन छुपी नहीं रहनी चाहिए वरना कोरोनावायरस खत्म नहीं कर पाएंगे और हमेशा संक्रमण का डर बना ही रहेगा

लव अग्रवाल का काम केन्द्र की तैयारियों के साथ ही राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करना है ।

Corona virus से पीड़ित एक एक मरीज का रिकार्ड केंद्रित रूप से अपने पास रखना और उस मरीज के संपर्क में आए लोगों की ट्रैकिंग कराने की जिम्मेदारी भी इन्हीं के पास है ।

केंद्रीय स्तर पर Covid -19 से जुड़ा डेटा यही तैयार करवाते हैं । लव अग्रवाल रोज शाम को मीडिया के सामने कोरोना से संबंधित जानकारी रखते हैं ।

वह जनवरी से लगातार दिन – रात काम कर रहे हैं । एक वाकये का जिक्र करते हुए लव कहते हैं कि रात में पता चला कि एक जहाज India आ रहा है , उसमें कोई कोरोना संदिग्ध है ।

उस जहाज को लेकर फैसला लेना था । ऐसे में उसी रात आनन – फानन में संदिग्ध का सैंपल लिया , नमूना जांच के लिए भेजा ।

जांच के बाद जब रिपोर्ट निगेटिव आई , उसके बाद ही जहाज से लोगों को उतरने की इजाजत दी गई । लव कहते हैं- ऐसी तत्परता हर मामले में दिखानी होती है ।

लव है कौन

सहारनपुर ( उत्तरप्रदेश ) के रहने वाले लव आंध्रप्रदेश कैडर के 1996 बैच के आईएएस अधिकारी हैं ।

Second member in the coronavirus team

India ke core team for coronavirus - Top Indians to fight with coronavirus

डॉ रमण आर गंगाखेड़कर

वैज्ञानिक, इंडियन काउंसलिंग ऑफ मेडिकल रिसर्च

जानिए डॉक्टर रमण का क्या कहना है

इनका कहना है कि अभी हम 1 दिन में 50000 Testing कर पा रहे हैं परंतु गंभीरता बड़ी तो दो शिफ्ट के प्लान पर जा सकते हैं। ऐसे में 1 दिन में 26000 टेस्टिंग कर पाना संभव हो जाएगा

डॉ . रमण का काम टेस्टिंग प्रोटोकॉल तैयार करना है । इसके अलावा आईसीएमआर की लैब की तैयारी , जांच किट के लिए आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना भी उनकी जिम्मेदारी है ।

इसके लिए उन्हें देश भर में स्थापित लैब्स के डायरेक्टर या अन्य प्रमुख व्यक्तियों से को – आर्डिनेट करना पड़ता है ।

इसके साथ ही अन्य देशों से मंगाई जाने वाली किट अथवा प्रोब्स एवं रीजेंट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी इन्हीं की है ।

देश भर में प्राइवेट लैब को जांच के लिए वैलिडेट करने का काम भी इन्हीं के पास है । आईसीएमआर की महामारी और संक्रामक बीमारी विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ . रमण गंगाखेडकर का बीते दिनों एक्सीडेंट हो गया था , जिसके बावजूद केवल एक दिन बाद ही ऑफिस पहुंच गए ।

एक्सीडेंट में आंख और चेहरे पर चोट आई , लेकिन इसके बावजूद वह काम करते रहे । डॉ . रमण लगातार देशभर की प्राइवेट लैब्स से कॉर्डिनेट कर रहे हैं । 

डॉ . रमण की प्रसिद्धि के बारे में

प्रसिद्ध शिशुरोग विशेषज्ञ , नेशनल एड्स रिसर्च इंस्टीट्यूट में असिस्टेंट डायरेक्टर भी रह चुके हैं ।

Third member in the coronavirus team

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पवन अग्रवाल

सेक्रेटरी, डिपार्टमेंट ऑफ कंस्यूमर अफेयर्स, मिनिस्ट्री आफ कंज्यूमर अफेयर्स

जानिए पवन अग्रवाल के पास क्या जिम्मेदारी है

Corona virus के इस समय में फूड सप्लाई (Food supply) का अहम योगदान होता है क्योंकि सारी जनता अपने घरों की ओर जाने को तैयार है और उसके लिए भोजन की आवश्यकता अवश्य ही पढ़ना है। 

सारे देश में राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी कोरोनावायरस इन के पास है

इनका कहना है कि फूड सप्लाई में अभी क्षमता का 30 से 35% ही काम हो पा रहा है इसे 2 महीने में 100 फ़ीसदी तक वापस लाना है यानी पूरी तरह सामान्य स्थिति में लाना है

देश भर में रसद आपूर्ति की जिम्मेदारी पवन अग्रवाल के कंधों पर है । सुबह से ही आए हुए व्हाट्सएप का जवाब देने से उनके दिन की शुरुआत होती है ।

कोरोना वायरस से लड़ाई में Lockdown में स्वास्थ्य के बाद जिस जरूरी सेवा का नंबर आता है वह है रसद आपूर्ति का ।

बाकी दिन फोन , मीटिंग और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डेढ़ सौ से ज्यादा अफसरों , कंपनियों के सीईओ से बात करने में बीतता है ।

फूड सप्लाई चेन में आने वाले व्यवधान को करने के लिए जूनियर अधिकारी पर काम टालने की बजाए खुद ही पहल शुरू कर देते हैं ।

जिसकी आपूर्ति पूरे देश में भली भांति चलती रहे उसकी जिम्मेदारी दी गई पवन अग्रवाल को । सुबह 4 बजे उठते ही बिस्तर से जरूरी दस्तावेजी तैयारी लैपटॉप पर शुरु हो जाती है ।

डायरेक्टर, इनोवेशंस सेल, मानव संसाधन मंत्रालय

देश में कहीं भी राशन की कमी न आए , इसके लिए ऑयल , बिस्किट , आटा बनाने वाली प्राइवेट कंपनियों से प्रतिदिन बात करनी पड़ती है । हर दिन 18-18 hour काम कर रहे हैं । पवन के जीवन के बारे में


उत्तरप्रदेश के रहने वाले पवन पश्चिम बंगाल कैडर से 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं ।

Fourth member in the coronavirus team

डॉक्टर मोहित गंभीर

कोरोना से संबंधित मेडिकल उपकरणों जैसे वेंटिलेटर्स आदि के क्षेत्र में नवाचार प्रमोट करने , स्टार्टअप से कॉर्डिनेट करने का काम डॉ . मोहित के हाथों में हैं ।

जानिए डॉक्टर मोहित के पास क्या जिम्मेदारी है

इनका अहम योगदान है और यह बता रहे हैं कि मैं भी work-from-home कर रहा हूं self-quarantine जैसी स्थिति में मैं अभी हूं आइडिया फोन के जरिए वेंटिलेटर के जो मॉडल मिले हैं उन पर आगे काम करवाना मेरी प्रायोरिटी है

जर्मनी की तर्ज पर मोहित ने व्यक्तिगत स्तर पर इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया था । जनता कर्फ्यू के ठीक पहले मोहित ने वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम के लिए पूरे देश के इनोवेटर्स और स्टार्टअप को साथ लाने की तैयारी शुरु की ।

ज़ब कोरोनावायरस अपने पैर पसार रहा था , तब डॉ. मोहित विश्व की उन कमियों पर ध्यान दे रहे थे , जिसकी कमी से लोगों की जान जा रही थी । मोहित ने जर्मनी की स्थिति का आकलन किया , जहां जर्मनी ने देश के इनोवेटर्स से मॉडल मंगवाकर वेंटिलेटर तैयार करने शुरु कर दिए थे । महज एक हफ्ते के अंदर आईडियाथॉन के माध्यम से साढ़े पांच हजार से ज्यादा इनोवेटर्स और स्टार्टअप से मॉडल मंगवाए ।

इनकी जिम्मेदारी कई अहम है क्योंकि यह पीएम को अपडेट देते हैं और हर फैसले के पीछे इनका अहम योगदान होता ही है

इनमें से कुछ का उत्पादन शुरू होने वाला है । मोहित हर दिन खुद सीधे इनोवेटर्स के संपर्क में हैं ।

मोहित के बारे में

कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी मोहित स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन 2019 के इंचार्ज रहे हैं ।

Fifth member in the coronavirus team

डॉक्टर प्रोफेसर बलराम भार्गव

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर जनरल है भार्गव

जानिए प्रोफेसर बलराम का क्या योगदान है

प्रो.भार्गव पीएम मोदी को कोरोना की देश में स्थिति के बारे में रोजाना अपडेट देते हैं । प्रो. बलराम भार्गव इन दिनों रोज सुबह 8 बजे अपने दफ्तर पहुंच रहे हैं ।

कोरोनावायरस के इस काल में इनका कहना है कि 80% मरीजों को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी 20% को ही भर्ती कर इलाज करना होगा कोशिश कर रहे हैं कि संक्रमण गांव तक ना पहुंच पाए कोरोनावायरस के इलाज से संबंधित प्रोटोकॉल तय करने वाले प्रो . बलराम भार्गव ही हैं । देश में कोरोना के मरीजों के इलाज से संबंधित प्रोटोकॉल , दवाओं के इस्तेमाल की अनुमति देने का अधिकार भी इनका है ।

दो जिम्मेदारियों के बीच उन्हें काम से इतर किसी से भी बात करने की फुर्सत नहीं मिलती । देश में कोरोना से संबंधित लगभग सारे मेडिकल फैसलों के पीछे प्रोफेसर बलराम ही हैं । इनकी बनाई गाइडलाइन से तय होता है कि किस मरीज की कोरोना की जांच होगी ! किसकी जांच रेपिड टेस्ट से होगी और किसकी आरटी – पीसीआर यानी रियल टाइम से .. किसे कितने समय तक क्वारंटीन रखने की जरूरत है । कभी उनका ठिकाना इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च का दफ्तर होता है तो वह कभी भारत सरकार के हेल्थ रिसर्च डिपार्टमेंट में होते हैं ।

कौन हैं डॉ.बलसम

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित देश के जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट एम्स में प्रोफेसर भी हैं ।