How many types of social group in sociology full detailed introduction


How many types of social group in sociology 

How many types of social group in sociology understand with full detailed introduction

 

क्या आप भी किसी whatsapp group के सदस्य हैं

 

क्या आप किसी भी group के सदस्य हैं क्या आप किसी समूह का निर्माण कर चुके हैं क्या करना चाहते हैं तो क्या आप  समूह के बारे में जानते हैं
 
आज मैं आपको समूह How many types of social group in sociology understand with full detailed introduction महत्वपूर्ण बातें बता रहा हूं जो कि समाजशास्त्र विषय से मेल खाती हैं तो आप तैयार हो जाइए समूह के बारे में संपूर्ण जानकारी पाने के लिए और नीचे समूह की सभी विशेषताओं का वर्णन भी किया गया है
Group का निर्माण कैसे करते हैं मैं इसके बारे में भी बताऊंगा समूह का निर्माण कब करना चाहिए और क्यों करना चाहिए यह भी आपको जानना बहुत ही जरूरी होगा

समूह का निर्माण करते समय बहुत सी बातों का ध्यान रखना अनिवार्य होता है इसे आप नजरअंदाज नहीं कर सकते ताकि आपका समूह या ग्रुप लंबे समय तक चले और कार्यरत रहे
 समूह के बारे में विभिन्न विचार कौन है अपने मत भी प्रकट किए हैं इसके बारे में मैं आज आपको बताने जा रहा हूं और उन्होंने जो मत प्रकट करें उसे प्रस्तुत भी कर रहा हूं
How many types of social group in sociology understand with full detailed introduction

 

समूह/Group

How many types of social group in sociology understand with full detailed introduction


मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है एवं समाज में रहता है

परंतु वह समाज की अनुभूति करता है उसे देखकर महसूस नहीं कर सकता लेकिन  जब से वह जन्म लेता है

अति आवश्यकता की पूर्ति किसी न किसी समूह के माध्यम से करता रहता है इसी संबंध में एडवर्ड सा पीर का मत है कि किसी समूह का निर्माण इस तथ्य पर आधारित होता है कि कोई स्वार्थ समूह के सदस्य को आपस में  बांधे रखता है। 

निर्माण के लिए पारस्परिक जागरूकता तथा समान लक्ष्य का होना अनिवार्य है मात्र पारस्परिक जागरूकता से ही जैसे उदाहरण के तौर पर नेता और जनता पारस्परिक जागरूकता तो होती है परंतु सामान्य लक्ष्य नहीं होता वहीं दूसरा उदाहरण बस के चालक तथा यात्रियों का है बस के चालक तथा यात्रियों में सामान्यता तो होती है ।पारस्परिक स्वार्थ नहीं होता सामान्यता पारस्परिक जागरूकता से तात्पर्य एक दूसरे को पहचानने से है

परिभाषा
 

मैंकईबार

 तथापि जिनके अनुसार समूह से तात्पर्य प्राणियों के संकलन एवं सामाजिक संबंध स्थापित करने से है
 

 गैलन तथा गैलन 

 
सामाजिक समूह की उत्पत्ति व्यक्तियों के अर्थ पूर्ण उत्तेजना प्रतिक्रिया सामान्य चालकों का विकास हो सके इसी आधार पर किया जाता है 
 हाटर्न
समूह व्यक्तियों का संग्रह अथवा श्रेणी अंतर क्रिया की चेतना है

Definition in English

How many types of social group in sociology understand with full detailed introduction
 
 

 गांफमैन

 
समूह व्यक्तियों के स्तर पर आधारित होता कि वह अपने संबंधों को किस स्तर तक ले जाना चाहता है
 
 समूह के प्रकार 
 एचसी कोले ने  दो भागों में बांटा है
 १.प्राथमिक समूह
 २. द्वितीय समूह
 

प्राथमिक समूह

 
 यह अवधारणा सर्वप्रथम खुले ने अपनी पुस्तक सोशल ऑर्गेनाइजेशन प्रस्तुत की थी 
 उन्होंने बताया था कि प्राथमिक समूह की विशेषताएं होना अनिवार्य है
 छोटा आकार ,आमने-सामने का संबंध ,हम की भावना ,स्वार्थ परक ,सामान्य उद्देश्य,
 संबंध स्वयं  साध्य।
 
उदाहरण के तौर पर कुल इन्हें 3 प्राथमिक समूह का उल्लेख किया है 
परिवार पड़ोस रक्त संबंधी
 

 द्वितीय समूह

 ट्विस्टेड ने कहा है वह समूह जो स्वार्थ पूर्ति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होते हैं व्यक्ति अपनी अधिक आवश्यकता की पूर्ति से भी करता है ऐसे समूह में घनिष्ठता का अभाव होता है।
 

द्वितीय समूह की विशेषता 

 
१.बड़ा आकार
२.अत्यधिक संबंध 
३.अस्थाई संबंध
४. पारस्परिक निर्भरता
५. एकशिक्षक सदस्यता
 
 

 Gaffman

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 डब्लू जी समनर

 
डब्लू जी ने अपनी पुस्तक में समूह की अवधारणा को प्रस्तुत किया है अंतः समूह तथा बाहर  समूह
 
अंता  समूह तथा बाहर समूह मुख्यतः एक मनोवैज्ञानिक या भावनात्मक अवधारणा है जिसमें व्यक्ति अपने और दूसरों का भाव रखते हैं परंतु अंतः समूह तथा बाहर समूह की भावना निश्चित नहीं होती यह समय और स्थान के अभाव में आकर बदल जाती हैं अंतः समूह और बाहर समूह भारत के प्रत्येक परिवार या समुदाय में देखने को मिलता है इस प्रकार कहा जा सकता है कि व्यक्ति अंतः समूह से हम की भावना ,निकटता ,सहयोग तथा निष्ठा का भाव महसूस करता है वही बाहर समूह से दूरी, प्रतिस्पर्धा का भाव महसूस करता है
 

गिड्डिंग्स ने चार भागों में बांटा है

 
जननिक समूह
 
 से तात्पर्य ऐसे समूहों से है जिस की सदस्यता जन्म से प्राप्त होती है जैसे कि उदाहरण के तौर पर परिवार
 

 इकट्ठे समूह 

इकट्ठे समूह से तात्पर्य जिनकी सदस्यता एकत्रित होती है जैसे कि मित्र समूह
 

 वियोजक समूह 

 समूह से तात्पर्य जो अन्य समूह को सदस्यता की अनुमति नहीं देते
 

 शमिश्रित समूह

 जो समूह अन्य समूह को सदस्यता प्रदान करते हैं
 
 

मिलर 

मिलर ने समूह को दो भागों में बांटा है
 

ऊर्ध्वाधर 

आकार में बहुत छोटे होते हैं एवं इनका संबंध ऊपर नीचे आमने-सामने की स्थिति में होता है जैसे अधिकारी और चपरासी का समूह
 

क्षेतिज समूह 

समूह आकार में बड़े होते हैं इनका संबंध एक मित्र मंडल समूह के रूप में जाना जाता है