(निबंध)बाल अपराध के मुख्य कारण (Essay Causes of Child crime in Hindi)

(निबंध)बाल अपराध के मुख्य कारण (Essay Causes of Child crime in Hindi)

बाल अपराध के मुख्य कारण

बाल अपराध के मुख्य परिवार सम्बन्धी कारण

परिवार को बच्चे की प्राथमिक पाठशाला कहा जाता है । क्योंकि बालक की प्रारम्भिक शिक्षा परिवार द्वारा ही होती है अर्थात् बच्चा बहुत कुछ अपने परिवार से ही सीखता है । यदि परिवार अच्छा है , तो बालक भी अच्छा होगा । निम्नलिखित परिवारों में बाल अपराधी बनने की अधिक सम्भावनायें रहती है ।

1. भग्न परिवार

टूटे परिवार वे परिवार कहलाते हैं , जिसमें माता – पिता में बालक की देखरेख के लिए कोई नहीं होता है अर्थात् बालक क्या कर रहे है जो भी बालक के मन में आता है , वह करता है , प्रेम स्नेह से वंचित रहते हैं । इस कारण से बालक अधिक समय घर से बाहर रहता है और बुरी आदतों को सीखता है ।

2. अर्द्ध नश्ट

यह वे परिवार कहलाते हैं , जो पूर्णतया नष्ट तो नहीं होते हैं , लेकिन नष्ट होने की प्रक्रिया में रहते हैं । इस प्रकार के परिवार में माँ – बा पके पास इतना समय नहीं होता है कि वह अपने बच्चों की उचित देखभाल कर सके । ऐसी स्थिति में बच्चे का उचित प्रकार से न तो पालन – पोषण हो पाता है और न ही विकास इसका मुख्य कारण माता – पिता दोनों का नौकरी करना होता है । बालक स्वतंत्र रहता है और बुरी आदतों का शिकार हो जाता है ।

3. अनैतिक परिवार 

इस प्रकार के परिवारों में किसी भी परिवार से शिक्षित और ईमानदार बच्चों के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है जैसे यदि माता – पिता परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जुआ खेलते हैं । तथा अन्य स्त्रियों और पुरुषों के साथ अनैतिक सम्बन्ध रखते है तो इनका प्रभाव बच्चों पर भी पड़ता है और उनमें अपराधी प्रवृत्ति जागृत होती है ।

4. माता – पिता द्वारा उपेक्षा

जिन परिवार में माता – पिता सौतेले होते हैं , उन परिवारों में सामान्यतः बच्चों की उपेक्षा होती है । यह उपेक्षा बच्चे का मानसिक सन्तुलन बिगाड़ देती है जिससे बच्चों में घृणा , क्रूरता तथा प्रतिशोध की भावना उत्पन्न हो जाती है , जो बाल अपराध को प्रोत्साहित करती है ।

5. अपराधी भाई – बहनों का प्रभाव

परिवार में बालकों पर केवल माता – पिता का ही प्रभाव नहीं है , बल्कि भाई – बहनों का भी प्रभाव पड़ता है । प्रायः ऐसा देखा गया है कि जिन परिवारों में बड़े भाई दुष्चरित्र होते है , तो छोटे भाई बहिन भी दुष्चरित्र हो जाते हैं ।

6. अधिक संख्या वाले परिवार

जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक होती है , उन परिवारों में बच्चों की न तो उचित देखभाल हो पाती है और न ही नियंत्रण रह पाता है , जिससे परिवार के सदस्यों में ही संघर्ष होता रहता है तथा बालकों में गन्दी आदतें विकसित होती है ।

7. दोशपूर्ण आवास

औद्योगीकरण की प्रक्रिया में आवास की सबसे बड़ी समस्या पायी जाती है । भारत में प्रति व्यक्ति कम आय और मकानों की कमी के कारण एक कमरे वाले मकान में अनेक बच्चे रहते हैं । इन मकानों के बच्चे अवांछित घटनाओं को देखते हैं , जिनका उन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है । इसके फलस्वरूप बच्चों में यौनिक अपराधों की प्रवृत्ति बढ़ती है ।

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बाल अपराध के मुख्य सांस्कृतिक कारण | Causes of Child crime in Hindi

 1. सांस्कृतिक विशमतायें

सांस्कृतिक विषमताओं से हमारा तात्पर्य बच्चे के माता – पिता में नियमों तथा उसके साथियों के व्यवहार प्रतिमान में अन्तर से ही है । ऐसी स्थिति में बच्चा अपने माता – पिता के व्यवहार प्रतिमान को स्वीकार नहीं करता और उसे अपने साथियों के व्यवहार प्रतिमान की सामाजिक स्वीकृति नहीं मिलती , जिससे बच्चे में अपराधी प्रवृत्ति विकसित होती है ।

2. नैतिक पतन

जब बच्चों का समाज में नैतिक पतन होने लगता है तो बाल अपराध भी बढ़ने लगता है । नैतिकता का उद्देश्य मानवीय गुणों का विकास करना है । लेकिन जब समाज में ऐसा वातावरण बन जाये कि अधिकारी भ्रष्ट हो जायें , रिश्वतों के द्वारा नियुक्तियों हो , तो ऐसी दशा में बच्चे अपराधी व्यवहार द्वारा अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने लगते हैं ।

3. जाति विभेद

भारत में जाति – प्रथा भी बाल अपराध को प्रोत्साहित करती है । उच्च जातियों को आज भी समाज में विशेष अधिकार प्राप्त है , जबकि अन्य निम्न जातियाँ आज भी निर्योग्यताओं में जीवन व्यतीत कर रही है । यद्यपि भारत के स्वतंत्र होने के पश्चात् इन निर्योग्यताओं को समाप्त कर दिया है , लेकिन निम्न जाति के बच्चे आज भी स्कूलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर अपने को उपेक्षित महसूस करते हैं । यही निराशा उनमें प्रतिशोध को जन्म देती है

बाल अपराध के मुख्य आर्थिक कारण |Causes of Child crime in Hindi

बालक पर आर्थिक कारक भी प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डालते हैं । यद्यपि बालक का अर्थ से कोई सीधा सम्बन्ध नहीं होता है , फिर भी अर्थ के अभाव में बच्चे का पालन – पोषण तथा चरित्र निर्माण ठीक प्रकार से नहीं हो पाता । ऐसी स्थिति में बच्चे में अपराधी मनोवृत्तियाँ जागृत होती है ।

1. निर्धनता

समाज में निर्धनता एक अभिशाप है , जिसके कारण अनेक समस्याओं का जन्म होता है । निर्धनता के कारण न तो बालक को अच्छी शिक्षा मिल पाती है और न ही उसकी अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति हो पाती है निर्धनता की स्थिति में माता – पिता द्वारा की गई अवहेलना तथा शारीरिक प्रताड़ना से बच्चे में प्रतिशोध की भावना उत्पन्न होती है । इससे बच्चा प्रायः उद्दण्ड हो जाता है । यही उद्दण्डता दिन – प्रतिदिन बालक को अपराधी बनाने में सहायक होती है । –

2. माताओं तथा बच्चों की नौकरी                 

प्रायः ऐसा देखा गया है कि आर्थिक कठिनाई के कारण बच्चे छोटी आयु में ही नौकरी करने लगते हैं या माँ को नौकरी करनी पड़ती है । यदि माँ नौकरी करती है , तो बच्चे दिन भर आवास घूमते रहते हैं । ऐसी स्थिति में लड़कों की अपेक्षा लड़कियों द्वारा अनैतिक अपराध की ओर बढ़ने की सम्भावना अधिक रहती है । इसके अपराधी व्यवहार सीख जाते हैं । अलावा जो बच्चे होटलों तथा चाय की दुकानों पर काम करते हैं , वे शीघ्र

3. आर्थिक तनाव

   आर्थिक तनाव भी बच्चे को अपराध की ओर ले जाता है । इसके अन्तर्गत प्रतिष्ठित परिवार के बच्चे भी आ जाते हैं । यह बच्चे घर में ही चोरी करते हैं ।

बाल अपराध के मुख्य सामुदायिक  कारण | Causes of Child crime in Hindi

सामुदायिक कारक भी बहुत बड़ी सीमा तक बच्चे को अपराधी बनाने में सहायक होते हैं । जिस समुदाय में बच्चा रहता है , यदि उसका वातावरण अच्छा नहीं है , तो बालक अपराधी बन जाता है । इसमें हम निम्नलिखित बातों को लेते हैं .

1. मनोरंजन

उचित मनोरंजन की सुविधा होने पर बाल अपराध की दर में कमी आती है । खाली समय में यदि बच्चा न तो स्कूल जाता है और न ही कोई काम करता है , तो वह अपराध की ओर बढ़ता है । बड़े – बड़े शहरों में पार्क वगैरह ऐसे स्थान पर होते हैं , जहाँ व्यक्ति मनोरंजन के लिए एकत्रित होते हैं । लेकिन यही स्थान बच्चों को भी अपराध के लिए सुविधायें प्रदान करते हैं ।

2. विद्यालय

विद्यालय ऐसा परिवेश है , जहाँ बच्चों को उचित सामाजिक जीवन व्यतीत करने का अवसर मिलता है । लेकिन यदि विद्यालय का वातावरण अच्छा नहीं है , तो बच्चे को विद्यालय से अरूचि होने लगती है । वह विद्यालय से भागता है तथा सारा दिन फुटपाथ पर काटता है और एक दिन बाल अपराधी बन जाता है ।

3. युद्ध

युद्ध सामाजिक विघटन का एक महत्वपूर्ण कारक है । जहाँ युद्ध से सामाजिक विघटन होता है , वहीं पर सामान्य घरेलू जीवन को भी नष्ट करता है । एल्सा कास्टेन्डिक ने बाल अपराध व युद्ध का अध्ययन किया है । वे लिखते हैं कि ” यूरोप में युद्ध के कारण बच्चों की शिक्षा बन्द हो गयी थी क्योंकि बच्चों के माता – पिता युद्ध कार्य में व्यस्त थे तथा बच्चों की देख – रेख करने वाला कोई नहीं था ।

बाल अपराध के मुख्य सामुदायिक अन्य कारक | Causes of Child crime in Hindi

बाल अपराध के उपरोक्त कारणों के अतिरिक्त मनोवैज्ञानिक कारकों के आधार पर बाल – अपराध को समझा जा सकता है । मनोवैज्ञानिक आधार पर मानसिक अस्थिरता , हीनता की भावना तथा बुद्धि की कमी भी बाल अपराध का कारण है । जिन परिवारों में पारिवारिक अशान्ति तथा कलह का वातावरण रहता है , उन परिवारों में बच्चा यह त नहीं कर पाता है कि उसे कैसा व्यवहार करना चाहिए । यह स्थिति बालक को अपराधी बना देती है । 

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